भैंस की रेस में मिला भारत को उसैन बोल्ट से तेज दौड़ने वाला इंसान, किरन रिजिजू ने बुलाया SAI सेंटर

लगता है भारतीय खेल मंत्रालय अब छुपे हुए टैलेंट को खोजकर उन्हें ट्रेनिंग देने के बारें में जाग गया है। इसकी बानगी है श्रीनिवास गोवडा। दरअसल श्रीनिवास की दौड़ सबसे तेज धावक उसैन बोल्ट से भी तेज है।

1581882885New Project.jpg

नई दिल्ली:  भारत में खेल के क्षेत्र में कितना टैलेंट है यह पता तो सबको है लेकिन पहचान नहीं है। ये टैलेंट छुपे हुए है। इन टैलेंट्स की मीडिया में और लोगों की नज़र में कोई चर्चा नहीं है। लेकिन 135 करोड़ लोग भारत में रहते हैं उनमे कई ऐसे हर खेल में खिलाड़ी निकल आएंगे जो विदेशों के नंबर 1 खिलाड़ियों को मात दे देंगे। बस देरी है ऐसे खिलाड़ियों को खोज कर लाना और उन्हें उस लेवल की ट्रेनिंग देना जिससे वह इंटरनेशनल लेवल पर अपनी और देश की पहचान बना सके। 

लगता है भारतीय खेल मंत्रालय अब छुपे हुए टैलेंट को खोजकर उन्हें ट्रेनिंग देने के बारें में जाग गया है। इसकी बानगी है श्रीनिवास गोवडा। दरअसल श्रीनिवास इसलिए चर्चा में है क्योंकि उनकी दौड़ दुनिया के सबसे तेज धावक उसैन बोल्ट से भी तेज है।

आपको बता दें कि बोल्ट ने 100 मीटर दूरी को 9.58 सेकण्ड में पूरा करके रिकॉर्ड स्थापित किया है जबकि श्रीनिवास ने 9.55 सेकंड में 100 मीटर दौड़ कर पूरा किया है।

 

श्रीनिवास कर्नाटक के मंगलुरु के मिझार अश्वथपुर से ताल्लुक रखते हैं उनकी उम्र अभी 28 साल है। वह कर्नाटक के क्षेत्रीय इलाकों में होने वाली पारंपरिक  भैस की दौड़ प्रतियोगिता में भैंस के साथ दौड़ने वाले धावक है। यह दौड़ कीचड़ में होती है। इस दौड़ को कंबाला प्रतियोगिता कहा जाता है। 

श्रीनिवास ने कंबाला दौड़ के इतिहास में सबसे तेज धावक के रूप में नया रिकॉर्ड बनाया। उन्होंने इस कम्बाला दौड़ में 13.62 सेकंड में 145 मीटर की दूरी तय की। जिसके बाद वह रातोंरात सनसनी बन गए। इस दौड़ की वीडियो जब इन्टरनेट पर वायरल हुई तो लोग श्रीनिवास की तुलना उसैन बोल्ट से करने लगे। श्रीनिवास एक कुली के बेटे हैं। 

जब यह बात खेल मंत्री किरन रिजिजू के पास पहुंची तो उन्होंने लोगों को भरोसा दिलाया कि श्रीनिवास को भारतीय खेल मंत्रालय में (SAI) ट्रायल के लिए बुलाया जायेगा। खेल मंत्री ने यह जानकारी ट्विटर पर आनंद महिंद्रा के ट्वीट के जवाब में कही।

आनंद महिंदा ने किरन रिजिजू को टैग करते हुए श्रीनिवास को ट्रेनिंग दिलाने की विनती की थी। किरन रिजिजू ने कहा कि वह यह भरोसा दिलाते हैं कि देश का कोई भी टैलेंट ख़राब नहीं जायेगा।  

वहीं बाद में SAI ने कन्फर्म किया अधिकारी श्रीनिवास के पास पहुँच चुके हैं। वह बेंगलुरु के SAI सेंटर में सोमवार से ट्रेनिंग शुरू करेंगे। 

यह भी पढ़ें: राजस्थान रॉयल्स के 2 मैचों की मेजबानी करेगा गुवाहाटी का बारसापारा स्टेडियम, यह है कारण-
 

क्या है कंबाला रेस 

कंबाला या भैंस दौड़ कर्नाटक के तुलुनाडु का एक पारंपरिक खेल है जहां नंगे पैर धावक (जॉकी) भैंस की जोड़ी के पीछे भागते हैं। श्रीनिवास 2013 से कंबाला में हिस्सा ले रहे हैं और 2017-18 तक 28 पदक जीतकर चैम्पियन बने हुए हैं। आपको बता दें कि इस रेस में भाग लेने वाले धावक को करीब 1 लाख तक का इनाम मिलता है। नवंबर से मार्च तक करीब 50 रेस यहाँ पर होती हैं।