गौतम गंभीर की कोचिंग में भारत टेस्ट क्रिकेट और ODI क्रिकेट में मुश्किल दौर से गुज़रा है। कई पुराने रिकॉर्ड, जो कभी भारत की शान हुआ करते थे, अचानक टूट गए और कई सीरीज़ भारत बुरी तरह हारा।
गौतम गंभीर की कोचिंग में वैसे तो बहुत शर्मनाक और बुरे रिकॉर्ड बने लेकिन इस दौरान भारत ने चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती। अश्विन, रोहित और कोहली ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास भी लिया। आइए गंभीर की कोचिंग में बने भारतीय टीम के कुछ शर्मनाक रिकॉर्ड्स के बारे में जानते हैं -
श्रीलंका से शुरू हुआ बेइज्जती का दौर
भारत 27 साल में पहली बार श्रीलंका से कोई ODI सीरीज़ हारा। टीम ने पहली बार तीन मैचों की ODI सीरीज़ में सभी 30 विकेट भी गंवा दिए, यानी कि टीम तीनों मैच में ऑल आउट हो गई। इसके अलावा 45 साल में पहली बार भारत एक पूरे कैलेंडर साल में भारत कोई भी ODI मैच नहीं जीता।
न्यूजीलैंड ने की फ़जीहत
श्रीलंका से मिली हार उतना ज्यादा नहीं खली लेकिन जब न्यूजीलैंड ने भारत को भारत में टेस्ट क्रिकेट में क्लीन स्वीप किया तो भारत का घरेलू टेस्ट का रुतबा टूट गया।
भारत को 36 साल बाद न्यूज़ीलैंड के खिलाफ़ घर में टेस्ट सीरीज़ हार का सामना करना पड़ा। न्यूजीलैंड ने 3-0 से भारत को क्लीन स्वीप किया। इस सीरीज में भारत 19 साल बाद चिन्नास्वामी में भी कोई टेस्ट मैच हारा। यह पहली बार भी था जब भारत ने टेस्ट क्रिकेट में घर पर एक इनिंग में पचास से कम रन बनाए।
गंभीर की कोचिंग में ही ऐसा पहली बार हुआ कि भारत न्यूजीलैंड से कोई होम टेस्ट सीरीज हारा। भारत 12 साल बाद कोई होम टेस्ट सीरीज़ भी हारा और इसमें लगातार दो होम टेस्ट मैच भी हारना भी शामिल था। टीम 12 साल बाद वानखेड़े स्टेडियम में भी कोई टेस्ट मैच हारी।
भारत पहली बार अपने होम ग्राउंड पर दो सौ से कम का टारगेट चेज़ नहीं कर पाया। टीम पहली बार होम टेस्ट सीरीज़ में भी हारी, जो एक बड़ा सरप्राइज़ था। भारत 13 साल बाद मेलबर्न में भी कोई टेस्ट मैच हारा।
भारत 10 साल बाद लगातार दो टेस्ट सीरीज़ हारा। दस साल के दबदबे के बाद बॉर्डर गावस्कर ट्रॉफी हारी। वे 12 साल बाद एक ही सीरीज़ में ऑस्ट्रेलिया से तीन टेस्ट मैच भी हारे।
पहली बार भारत 2025 में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के फ़ाइनल में पहुँचने में नाकाम रहा। इंग्लैंड के ख़िलाफ़ लीड्स में पाँच सेंचुरी बनाने के बाद टीम टेस्ट हारने वाली पहली टीम बनी। भारत लॉर्ड्स में भी दो सौ से कम का टारगेट चेज़ नहीं कर पाया।
भारत ने 11 साल बाद मैनचेस्टर में किसी टेस्ट मैच में 600 से ज़्यादा रन दिए। वे एडिलेड में सत्रह साल बाद कोई ODI मैच भी हारे।
टीम इंडिया कोलकाता में अपने घर में टेस्ट मैच 124 रन का टारगेट चेज़ नहीं कर पाई, जो सबसे कम टारगेट था जिसे वे चेज़ नहीं कर पाए।
भारत 15 साल बाद ईडन गार्डन्स में साउथ अफ्रीका से टेस्ट मैच भी हारा। इन नतीजों ने इस समय को हाल के समय में भारतीय क्रिकेट के लिए सबसे मुश्किल समय में से एक बना दिया।





