भारत और इंग्लैंड के बीच ट्रेंट ब्रिज में खेले गए टी20 अंतर्राष्ट्रीय मुकाबले के तीसरे मैच में भारतीय टीम को अपने इतिहास की सबसे शर्मनाक हारों में से एक का सामना करना पड़ा। इंग्लैंड ने भारत को 125 रन के विशाल अंतर से हराकर कई नए रिकॉर्ड अपने नाम किए, वहीं टीम इंडिया के खाते में कई ऐसे अनचाहे रिकॉर्ड दर्ज हो गए जिन्हें भारतीय क्रिकेट लंबे समय तक याद नहीं भुल पाएगा।
भारत की बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और पूरी टीम महज 76 रन पर सिमट गई। यह टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में भारत का दूसरा सबसे कम स्कोर है। इससे पहले भारत 2008 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड (MCG) पर केवल 74 रन पर ऑलआउट हुआ था।
भारत की सबसे बड़ी हार
यह मुकाबला भारत के लिए टी20 इंटरनेशनल में रनों के लिहाज से सबसे बड़ी हार साबित हुआ। इससे पहले भारत की सबसे बड़ी हार 2019 में न्यूजीलैंड के खिलाफ वेलिंग्टन में 80 रन से हुई थी, लेकिन इंग्लैंड ने इस रिकॉर्ड को तोड़ते हुए 125 रन से जीत दर्ज की।
टी20 इंटरनेशनल में भारत की सबसे बड़ी हार (रनों के अंतर से)
125 रन – इंग्लैंड, ट्रेंट ब्रिज (2026)
80 रन – न्यूजीलैंड, वेलिंग्टन (2019)
76 रन – दक्षिण अफ्रीका, अहमदाबाद (2026)
भारत की पूरी टीम सिर्फ 76 रन पर सिमट गई, जो टी20 इंटरनेशनल में उसका दूसरा सबसे कम स्कोर है।
टी20 इंटरनेशनल में भारत के सबसे कम स्कोर
74/10 – ऑस्ट्रेलिया, MCG (2008)
76/10 – इंग्लैंड, ट्रेंट ब्रिज (2026)
79/10 – न्यूजीलैंड, नागपुर (2016)
81/8 – श्रीलंका, कोलंबो (2021)
92/10 – दक्षिण अफ्रीका, कटक (2015)
पहली बार पावरप्ले में गिरे 5 विकेट
भारतीय बल्लेबाजी की हालत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि टीम ने टी20 इंटरनेशनल इतिहास में पहली बार पावरप्ले के अन्दर ही 5 विकेट गंवा दिए। शुरुआती झटकों से टीम कभी उबर नहीं पाई और विकेट लगातार गिरते गए। इस मैच में भारत के सर्वोच्च स्कोर वैभव और ईशान किशन का था जिन्होंने 13-13 रन बनाए।
लगातार पांचवीं हार भी पहली बार
इस हार के साथ भारत ने टी20 इंटरनेशनल में लगातार पांच मैच गंवाने का अनचाहा रिकॉर्ड भी बना दिया। भारतीय टीम के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि उसे टी20 क्रिकेट में लगातार पांच मुकाबलों में हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय क्रिकेट के लिए खड़े कई सवाल
ट्रेंट ब्रिज में मिली यह हार सिर्फ एक मैच की हार नहीं, बल्कि भारतीय टीम के लिए कई सवाल छोड़ गई है। बल्लेबाजी का पूरी तरह फ्लॉप होना, शुरुआती ओवरों में लगातार विकेट गिरना। जिस टीम के बल्लेबाज IPL में विस्फोटक अंदाज में बल्लेबाजी करते हैं। वहीं बाहरी कंडीशन पर एक भी बल्लेबाज का न चलना।





