भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर बल्लेबाज़ यस्तिका भाटिया ने इंग्लैंड के ऐतिहासिक लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर शानदार 113 रन की पारी खेलकर इतिहास रच दिया। उनके इस शतक के साथ 31 साल बाद किसी भारतीय महिला विकेटकीपर ने टेस्ट क्रिकेट में शतक लगाने का कारनामा किया। इससे भी बड़ी बात यह रही कि यह उपलब्धि क्रिकेट के घर कहे जाने वाले मैदान लॉर्ड्स पर हासिल हुई।
यस्तिका भाटिया की यह पारी भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास की सबसे यादगार पारियों में शामिल हो गई। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 113 की पारी खेली और टीम को अच्छे स्कोर तक पहुंचाया जिसे भारतीय महिला टीम को दूसरी पारी में 457 रनों की बढ़त मिली
लॉर्ड्स में टेस्ट शतक लगाने वाली पहली भारतीय महिला क्रिकेटर
लॉर्ड्स क्रिकेट ग्राउंड पर टेस्ट शतक लगाना हर खिलाड़ी का सपना होता है। भारतीय पुरुष टीम के कई दिग्गज बल्लेबाज़ यहां शतक लगा चुके हैं, लेकिन महिला क्रिकेट में यह उपलब्धि अब तक किसी भी खिलाड़ी के नाम नहीं थी।
यस्तिका भाटिया ने यह इंतजार खत्म करते हुए लॉर्ड्स में टेस्ट शतक जड़ने वाली पहली महिला क्रिकेटर बनने का गौरव हासिल किया। उनके बल्ले से निकली 113 रन की पारी भारतीय महिला क्रिकेट के इतिहास में सुनहरे अक्षरों में दर्ज हो गई।
भारतीय क्रिकेट इतिहास में अब तक लॉर्ड्स के मैदान पर टेस्ट शतक लगाने वाले खिलाड़ियों की सूची इस प्रकार है—
- 184 – वीनू मांकड़ (1952)
- 103 – दिलीप वेंगसरकर (1979)
- 113 – गुंडप्पा विश्वनाथ (1979)
- 157 – दिलीप वेंगसरकर (1982)
- 126* – दिलीप वेंगसरकर (1986)
- 100 – रवि शास्त्री (1990)
- 121 – मोहम्मद अजहरुद्दीन (1990)
- 131 – सौरव गांगुली (1996)
- 109* – अजीत अगरकर (2002)
- 103* – राहुल द्रविड़ (2011)
- 103 – अजिंक्य रहाणे (2014)
- 129 – केएल राहुल (2021)
- 100 – केएल राहुल (2025)
- 113 – यस्तिका भाटिया (2026)
इस सूची में यस्तिका भाटिया का नाम जुड़ना भारतीय महिला क्रिकेट के लिए एक ऐतिहासिक पल है। इस सूची में क्रिकेट के भगवान सचिन तेंदुलकर,क्रिकेट के किंग विराट कोहली,न रोहित शर्मा और न ही महेंद्र सिंह धोनी नहीं शामिल हैं। इस लिस्ट में महिला क्रिकेटर यस्तिका भाटिया का नाम होना एक प्रेरणा है।
भारतीय महिला क्रिकेट के लिए बड़ी उपलब्धि
यस्तिका भाटिया की यह शतकीय पारी केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि भारतीय महिला क्रिकेट के बढ़ते खिलाड़ियों और युवा खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा है। लॉर्ड्स जैसे ऐतिहासिक मैदान पर शतक लगाकर उन्होंने आने वाली युवाओं के लिए एक नई मिसाल कायम की है।





