धोनी ने दैनिक मजदूरों के लिए दिया दान, लोगों ने दान की गयी राशि को लेकर की आलोचना

धोनी के द्वारा दिए गए पैसे का उपयोग पुणे में दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को राहत किट प्रदान करने के लिए किया जाएगा, जिन्होंने COVID -19 लॉकडाउन का खामियाजा उठाया है।

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भारत के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी ने महामारी कोरोनोवायरस के प्रकोप से प्रभावित पुणे में दैनिक मजदूरी करने वालों को 1 लाख रुपये दान करने के लिए सामने आए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घातक वायरस के प्रसार को रोकने के लिए मोदी ने 21 दिनों के लिए देश में पूरा लाकडाउन करने की घोषणा 24 मार्च को की थी। 

धोनी ने दिया दान 

धोनी के द्वारा दिए गए पैसे का उपयोग पुणे में दैनिक वेतन भोगी श्रमिकों को राहत किट प्रदान करने के लिए किया जाएगा, जिन्होंने COVID -19 लॉकडाउन का खामियाजा उठाया है। इस कर्केफ्यू दौरान 14 दिनों के लिए धोनी के दान से परिवारों को राहत किट मिलेगी। 

होने लगी बुराई 

धोनी ने केवल 1 लाख रुपये ही दान किये। यह बात लोगों को रास नहीं आयी। फिर क्या था ट्विटर पर लोगों ने उनका मजाक उड़ाना शुरू कर दिया। कुछ ने उनके इस कदम को पब्लिक स्टंट करार दिया। लोग कहने लगे कि धोनी ने यह काम पब्लिक अटेंशन पाने के लिए किया है। 

लोग कह रहें हैं 800 करोड़ की संपत्ति वाले ने केवल 1 लाख रुपये ही दिया है। कथित तौर पर, एमएस धोनी की कुल संपत्ति 800 करोड़ रुपये है और कई लोगों ने महसूस किया कि दान इस गंभीर स्थिति में समाचार में रहने के लिए एक मात्र सार्वजनिक स्टंट था।

26 मार्च (गुरुवार) को भारत में कोरोनावायरस से सात मौत हुई। भारत में यह वायरस तेजी से फैलने लगा है। पिछले कुछ दिनों में पॉजिटिव केस के मामलों की संख्या भी तेजी से बढ़ी है और सरकार इसके प्रसार को रोकने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। वर्कप्लेस और स्कूलों को बंद करने के बाद पूरे देश में एक तरह से कर्फ्यू लगा दिया गया है।  

  
इस कर्फ्यू का सबसे ज्यादा असर दैनिक मजदूरों पर पड़ा है। यही कारण है कि तमाम खिलाड़ी और सेलिब्रिटी इन मजदूरों की मदद करने के लिए आगे आ रहे हैं।  इसके परिणामस्वरूप, एमएस धोनी ने भी एक नेक निर्णय लिया।  उन्होंने Ketto नामक एक क्राउडफंडिंग वेबसाइट के माध्यम से, पुणे में एक सार्वजनिक धर्मार्थ ट्रस्ट, मुकुल माधव फाउंडेशन को राशि दान की।