टेस्ट, ODI और T20I में किस खिलाड़ी ने सबसे लंबे समय तक खेला क्रिकेट? यहां जानिए पूरी लिस्ट

क्रिकेट में लंबे करियर का रिकॉर्ड अपने आप में खास है। जानिए टेस्ट, वनडे और टी20 इंटरनेशनल में सबसे लंबे करियर से जुड़े रिकॉर्ड और इन खिलाड़ियों के आंकड़े।

क्रिकेट में किसी खिलाड़ी का लंबा करियर उसके खेल के प्रदर्शन के आधार पर माना जाता है। अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वर्षों तक लगातार खेलना, बदलती समय के बीच अपनी जगह बनाए रखना और अलग-अलग दौर के खिलाड़ियों के साथ मैदान में खेलना आसान नहीं होता।

आइए उन खिलाड़ियों के बारे में जानते हैं,जिन्होंने टेस्ट,वनडे और टी20I में सबसे लंबा करियर किस खिलाड़ी का रहा है -

1. टेस्ट क्रिकेट में सबसे लंबा करियर

टेस्ट क्रिकेट में सबसे लंबे करियर का रिकॉर्ड इंग्लैंड के महान ऑलराउंडर विल्फ्रेड रोड्स के नाम दर्ज है। रोड्स ने अपने टेस्ट करियर में 30 साल और 315 दिन के लम्बे समय तक अपने देश के लिए खेले थे। 

इन्होंने अपने करियर की शुरुआत ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 1899 में ट्रेंट ब्रिज में डेब्यू किया था। इन्होंने टेस्ट में आखिरी मैच 1930 में वेस्टइंडीज के खिलाफ सबीना पार्क में खेला था। 

इन्होंने 58 मैचों की 98 परियों में 2325 रन बनाए है। जिसमें इन्होंने 2 शतक और 11 अर्धशतक शामिल हैं। इनका सर्वोच्च स्कोर 179 रन का है।

2. ODI क्रिकेट में सबसे लंबा करियर

वनडे क्रिकेट की बात करें तो वनडे में सबसे लंबे करियर का रिकॉर्ड ब्रेंडन टेलर के नाम बताया गया है। जिम्बाब्वे के इस दिग्गज बल्लेबाज ने ODI क्रिकेट में 22 साल और 148 दिन का करियर दर्ज किया।

ब्रैंडन टेलर ने अपने पहला वनडे मैच श्रीलंका के खिलाफ 2004 में खेला था। इन्होंने अपने वनडे करियर में 210 मैचों की 208 परियों में 6 शतक और 12 अर्धशतक के साथ 6756 रन बनाए है। वनडे में इनका सर्वोच्च स्कोर 145 रन का है।

3. T20I क्रिकेट में सबसे लंबा करियर

वनडे के साथ साथ टी20I में भी ब्रैंडन टेलर का T20I करियर 19 साल और 73 दिन लंबा रहा। इस तरह वह ODI के साथ-साथ T20I में भी सबसे लंबे करियर वाले खिलाड़ियों की सूची में टॉप पर हैं।

टेलर ने बांग्लादेश के खिलाफ 2006 में अपना टी20I डेब्यू किया था। टेलर ने टी20I में 59 मैचों की 57 परियों में 1 शतक और 6 अर्धशतक की मदद से 1216 रन बनाए है।

4. तीनों रिकॉर्ड से क्या पता चलता है?

इन रिकॉर्ड्स को देखकर आपको भी हैरानी हो रही होगी,जैसे मुझे हुई। आपने ध्यान दिया होगा। कि इन खिलाड़ियों के लंबा करियर भले ही रहा हो,लेकिन इनके रिकॉर्ड्स लंबे नहीं है। जैसे सचिन तेंदुलकर और विराट कोहली के कई सारे रिकॉर्ड,कई हजारों रन,बहुत सारे शतक आदि। 

इसीलिए लंबे करियर होने का मतलब ये नहीं कि खिलाड़ी खूब सारा रन बनाया होगा। इसके लिए खिलाड़ी को लंबे समय तक मैदान में टिकना होगा,कई परिस्थितियों में बल्लेबाजी करनी होगी।