क्या आपको पता है? संन्यास के बाद भी भारतीय क्रिकेटरों को हर महीने पेंशन देता है BCCI, जानिए किसे कितनी रकम मिलती है

BCCI दुनिया का इकलौता बड़ा क्रिकेट बोर्ड है जो पूर्व क्रिकेटरों को रिटायरमेंट के बाद ₹30,000 से ₹70,000 तक मासिक पेंशन देता है। जानिए पूरी पेंशन स्कीम।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड दुनिया का सबसे अमीर क्रिकेट बोर्ड माना जाता है। लेकिन उसकी पहचान सिर्फ़ पैसे की ताकत तक ही नहीं है। बल्कि BCCI अपने पूर्व क्रिकेटरों के लिए ऐसी पेंशन व्यवस्था भी चलाता है, जो दुनिया के कई बड़े क्रिकेट बोर्डों को समझना चाहिए है। दिलचस्प बात यह है कि ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड जैसे क्रिकेट के दिग्गज देशों में BCCI जैसी व्यवस्था नहीं देता है।

BCCI क्यों है सबसे अलग?

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद कई खिलाड़ियों की पैसे का मुख्य साधन खत्म हो जाता है। ऐसे में BCCI अपने पूर्व खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा देने के उद्देश्य से मासिक पेंशन उपलब्ध करने का फैसला लिया है। यह योजना उन खिलाड़ियों के सम्मान और उनके योगदान को देखते हुए बनाई गई है, जिन्होंने भारतीय क्रिकेट को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में भूमिका निभाई।

BCCI का मौजूदा पेंशन स्ट्रक्चर

BCCI ने अलग-अलग श्रेणी के खिलाड़ियों के लिए अलग पेंशन तय की है।

- टेस्ट क्रिकेटर: ₹60,000 प्रति माह

- सीनियर टेस्ट क्रिकेटर: ₹70,000 प्रति माह

- फर्स्ट-क्लास क्रिकेटर: ₹30,000 से ₹45,000 प्रति माह

- महिला अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर: ₹52,500 प्रति माह

- महिला घरेलू क्रिकेटर: ₹45,000 प्रति माह

 रिपोर्ट्स के अनुसार, BCCI अपने पूर्व क्रिकेटरों को औसतन लगभग ₹58,750 प्रति माह की पेंशन प्रदान करता है।

ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में क्या व्यवस्था है?

क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड क्रिकेट बोर्ड अपने खिलाड़ियों को करियर के दौरान अलग-अलग प्रकार की सुविधाएं देते हैं, लेकिन BCCI की तरह सभी पूर्व खिलाड़ियों के लिए मासिक पेंशन की व्यवस्था नहीं है। यही कारण है कि BCCI की यह योजना क्रिकेट में काफी अलग और चर्चा का विषय बनी रहती है।

गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन भी निभा रहा बड़ी भूमिका

सिर्फ़ BCCI ही नहीं, बल्कि राज्य क्रिकेट संघ भी अपने पूर्व खिलाड़ियों के लिए आगे आ रहे हैं। गुजरात क्रिकेट एसोसिएशन देश की सबसे बड़ी राज्य-स्तरीय क्रिकेट वेलफेयर योजनाओं में से एक संचालित करता है। इस योजना के तहत लगभग 150 पूर्व रणजी ट्रॉफी क्रिकेटरों को नियमित पेंशन दी जाती है, जिससे उन्हें रिटायरमेंट के बाद आर्थिक सहयोग मिलता है।

भारतीय क्रिकेटरों के लिए सम्मान की मिसाल

BCCI की पेंशन योजना केवल आर्थिक सहायता नहीं, बल्कि उन खिलाड़ियों के प्रति सम्मान का प्रतीक भी है जिन्होंने वर्षों तक भारतीय क्रिकेट की सेवा की है। यह व्यवस्था सुनिश्चित करती है कि क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी खिलाड़ियों को सम्मानजनक जीवन जीने में सहायता मिलती रहे।

हाल में अजिंक्य रहाणे को पेंशन मिलना शुरू

30 जुलाई 2026 को अजिंक्य रहाणे ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया है। जिसके बाद BCCI की तरफ से उन्हें हर महीने पेंशन मिलेगा।अजिंक्य रहाणे को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास के बाद BCCI की तरफ से 70,000 रुपये प्रति माह पेंशन मिलती है। चूंकि उन्होंने भारत के लिए 25 से अधिक टेस्ट मैच खेले हैं, इसलिए वे बोर्ड की सर्वोच्च पेंशन श्रेणी में आते हैं।

BCCI का नियम यह भी कहता है कि अगर कोई खिलाड़ी भारत के 25+ टेस्ट मैच खेले रहेंगे तो वह उच्च श्रेणी में आएगा। उच्च श्रेणी में आने वाले खिलाड़ियों को 70000 प्रति माह पेंशन मिलेगी। इसीलिए अजिंक्य रहाणे को इतना पेंशन मिल रहा है।

कब तक मिलेगा खिलाड़ियों को पेंशन

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड ने खिलाड़ियों को कोई खास उम्र तक नहीं सीमित नहीं है। बल्कि BCCI जीवन भर पेंशन देता है। यह पेंशन खिलाड़ी के संन्यास लेने और उनके द्वारा खेले गए मैचों की संख्या के आधार पर मिलती रहती है। 

लेकिन अगर कोई खिलाड़ी आगे चलकर भारत के लिए बैटिंग कोच,बॉलिंग कोच या अन्य पद पर आता है तो उसकी पेंशन रोक दिया जाएगा। जिसके बाद उसे जिस पद में रहेगा उस पद के लिए पेंशन दिया जाएगा।