Interesting Facts: इन 5 खिलाड़ियों ने बिना एक भी मैच खेले चूमी वर्ल्ड कप की ट्रॉफी

कुछ खिलाड़ी क्रिकेट में ऐसे भी हैं कि जो वर्ल्ड कप में अपनी टीम के साथ थे उनकी टीम ने वर्ल्ड कप भी जीता लेकिन वह उस वर्ल्ड कप में वह एक भी मैच नहीं खेले।

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किसी भी खेल में अपने देश के लिए खेलना बहुत बड़ी बात होती है। हर एक खिलाड़ी की चाहत होती है वह खेल में अपने देश का प्रतिनिधित्व वर्ल्ड कप में करें। फिर चाहे यह खेल हाकी का हो या फूटबाल का हो या क्रिकेट का। सभी खेलने वाले खिलाड़ी चाहते हैं कि वह अपने देश का प्रतिनिधित्व वर्ल्ड कप में करें और टीम को जिताए। पर कुछ खिलाड़ी क्रिकेट में ऐसे भी हैं कि जो वर्ल्ड कप में अपनी टीम के साथ थे उनकी टीम ने वर्ल्ड कप भी जीता लेकिन वह उस वर्ल्ड कप में वह एक भी मैच नहीं खेले। आज हम ऐसे ही कुछ खिलाड़ियों के बारें में जानेंगे-

1- टॉम कुरेन (2019), इंग्लैंड 

Tom Curran

टॉम इंग्लैंड के विश्व कप 2019 टीम में एक ऑलराउंडर के रूप में चुने गए थे। इंग्लैंड ने वर्ल्ड कप भी जीता लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। इंग्लैंड ने इस वर्ल्ड कप की मेजबानी की थी और फ़ाइनल में न्यूजीलैंड को हरा के वर्ल्ड कप जीता। 

टॉम टीम में एक आलराउंडर की भूमिका में थे लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। भले ही उनकी टीम ने वर्ल्ड कप जीता लेकिन उन्हें पूरी ज़िन्दगी मलाल रहेगा टीम की इस ऐतिहासिक जीत में वह एक भी मैच नहीं खेल पाये। 

2- प्रवीण कुमार (2011), भारत 

Praveen Kumar

प्रवीण कुमार एक तेज गेंदबाज़ रह चुके हैं। इन्हें 2011 वर्ल्ड कप में टीम में शामिल किया गया था। लेकिन उन्हें एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला। भारत ने यह वर्ल्ड कप जीता। लेकिन इस जीत में वह कोई योगदान नहीं दे पाये। इस वर्ल्ड कप में प्रवीण कुमार के साथ जहीर खान, मुनाफ पटेल, आशीष नेहरा और श्रीसंत खेल रहे थे। इसलिए उन्हें इस टूर्नामेंट में मौका नहीं मिला। 

3- ब्रैड हैडिन (2007), ऑस्ट्रेलिया 

Brad Haddin (2007)

ब्रैड हैडिन 2007 में वर्ल्ड कप जीतने वाली ऑस्ट्रेलियाई टीम का हिस्सा थे। वह टीम में एक बैकअप विकेटकीपर के तौर पर शामिल किये गए थे। उस समय टीम में विकेटकीपर के तौर पर एडम गिलक्रिस्ट थे जो उस समय दुनिया के सबसे अच्छे कीपर के तौर पर जाने जाते थे। बैकअप के तौर पर शामिल किये हैडिन को इस वर्ल्ड कप में एक भी मैच खेलने का सौभाग्य नही मिला लेकिन उन्हें वर्ल्ड कप की ट्रोफी चूमने का मौका जरूर मिला। 

4- मिचेल जॉन्सन (2007), ऑस्ट्रेलिया 

Mitchell Johnson

मिचेल जॉन्सन भी ब्रैड हैडिन की तरह ऑस्टेलियाई टीम में तेज गेंदबाज़ के तौर पर टीम का हिस्सा थे लेकिन उन्हें तब पूरे टूर्नामेंट में एक भी मैच खेलने का मौका नहीं मिला था।  उन्हें 15 सदस्यीय टीम में चयनकर्ताओं द्वारा चुना गया था जिसमें उनके अलावा ग्लेन मैकग्राथ, शॉन टैट और स्टुअर्ट क्लार्क जैसे गेंदबाज शामिल थे। इसलिए उन्हें ट्रोफी तो चूमने का मौका मिला लेकिन खेलने का नहीं। 

5-  मारवन अट्टापट्टू (1996)

Marvan Atapattu (1996)

मारवन अट्टापट्टू को1996 विश्व कप जीतने वाली श्रीलंका टीम में चुना गया था। इस टीम की कप्तानी अर्जुन रणतुंगा ने की थी। सनथ जयसूर्या और टीम में अन्य बल्लेबाज की उपस्थिति के कारण, अटापट्टू को मेगा-इवेंट में खेलने के लिए एक भी मैच नहीं मिला।

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अट्टापट्टू को भले ही एक भी मैच खेलने को न मिला हो, लेकिन उनके साथ एक सबसे अच्छी बात यह हुई कि वह उस टीम का हिस्सा बन गये, जो अपने देश के लिए पहला विश्व कप जीतने में सफल रही।