हैंसी क्रोनिए मैच फिक्सिंग मामले में मुख्य आरोपी सट्टेबाज संजीव चावला ने किये खुलासे, कहा सभी क्रिकेट मैच फिक्स होते हैं

चावला ने कहा, "कोई भी क्रिकेट मैच निष्पक्ष रूप से नहीं खेला जाता है और सभी क्रिकेट मैच जो लोग देखते हैं वे फिक्स होते हैं।

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इंडियन एक्सप्रेस की एक रिपोर्ट के अनुसार, 2000 के हैंसी क्रोनिए मैच फिक्सिंग मामले में मुख्य आरोपी सट्टेबाज संजीव चावला ने दिल्ली पुलिस के सामने नए खुलासे किए हैं। अपने खुलासे में चावला ने कहा, "कोई भी क्रिकेट मैच निष्पक्ष रूप से नहीं खेला जाता है और सभी क्रिकेट मैच जो लोग देखते हैं वे फिक्स होते हैं।

इसके अलावा, उसने कहा, "एक बहुत बड़ा सिंडिकेट / अंडरवर्ल्ड माफिया" सभी क्रिकेट मैचों को प्रभावित करता है और सभी मैच ऐसी फिल्मों की तरह होते हैं जो किसी के द्वारा निर्देशित की जा रही होती है। 

संजीव चावला के बयान जिसमें उसके हस्ताक्षर नहीं हैं, यह भी बताते है कि मैच फिक्सिंग में अंडरवर्ल्ड माफिया की संलिप्तता के कारण उसका जीवन कैसे खतरे में है।

सट्टेबाज संजीव ने मैच फिक्सिंग में शामिल होने की बात कबूल करते हुए कहा कि वह अधिक ब्योरा नहीं दे सकता था क्योंकि "एक बहुत बड़ा सिंडिकेट / अंडरवर्ल्ड माफिया इसमें शामिल है और वे खतरनाक लोग हैं और अगर वह कुछ भी कहता है तो वे उसे मार डालेंगे।

विशेष CP (अपराध) प्रवीर रंजन ने कहा, "चूंकि मामला अभी भी जांच के दायरे में है, इसलिए हम किसी भी विवरण को साझा करने में सक्षम नहीं हो सकते हैं।"

Sanjeev Chawla

          हैंसी क्रोनिए मैच फिक्सिंग मामले में मुख्य आरोपी सट्टेबाज संजीव चावला 

पूरक आरोपपत्र में दिल्ली पुलिस ने यह भी उल्लेख किया है कि जांच की कार्यवाही में आरोपी के असहयोग से यह भी साबित होता है कि वह अपराध में शामिल था।

बयान में यह भी विवरण दिया गया है कि चावला मैच फिक्सिंग में कैसे शामिल हुआ। वह 1993 में लंदन गया और वहाँ "कपड़े के व्यापार" में था। इंग्लैंड में लंबे समय तक रहने के बाद, वह 2000 में वह वहाँ का एक स्थायी नागरिक बन गया।

हैंसी क्रोन्ये, जिन्होंने 2000 में मैच फिक्सिंग में शामिल होने का जुर्म स्वीकार किया था, उनकी 2000 में एक विमान दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी।

क्या था हैंसी क्रोन्ये मामला? 

7 अप्रैल 2000 को दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच के अधिकारी ईश्वर सिंह रेडू ने मैच फिक्सिंग के आरोपों को लेकर एक भारतीय सट्टेबाजी सिंडिकेट के प्रतिनिधि क्रोन्ये और संजीव चावला के बीच बातचीत की रिकॉर्डिंग पेश। क्रोन्ये के अलावा इस फिक्सिंग में तीन अन्य दक्षिण अफ्रीका के खिलाड़ी, हर्शल गिब्स, निकी बोएजे और पीटर स्ट्रीडम भी आरोपी थे।

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8 अप्रैल 2000 को, दक्षिण अफ्रीका के संयुक्त क्रिकेट बोर्ड ने इनकार किया कि उनके खिलाड़ी मैच फिक्सिंग में शामिल नहीं थे। क्रोन्ये ने भी इन आरोपों को आधारहीन बताया। हालाँकि, 11 अप्रैल को क्रोन्ये को अली बाकर के सामने पैसे लेने की बात स्वीकार करने के बाद कप्तान के रूप में बर्खास्त कर दिया गया था। क्रोन्ये ने स्वीकार किया कि इस आरोप में वह "पूरी तरह से ईमानदार" नहीं है। उन्होंने भारत में हुई एक दिवसीय श्रृंखला के दौरानलंदन के एक सट्टेबाज से $10,000 से $15,000 के बीच पैसे लिए थे। यह लन्दन का सट्टेबाज़ संजीव चावला था।